अमेरिका ने मिडटर्म इलेक्शन की वोटिंग से पहले ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया
वाशिंगटन /तेहरान । अमेरिका मिडटर्म इलेक्शन में वोटिंग से पहले अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया। केश्म द्वीप पर कम से कम पांच जोरदार धमाके हुए। कुछ दूर पर बंदर लेंगेह शहर में भी विस्फोट की खबरें हैं। हालांकि, ईरानी मीडिया ने इसके पीछे अमेरिका या इजराइल का हाथ होने की पुष्टि नहीं की है। उसने अमेरिका के दो MQM-170 जासूसी ड्रोन मार गिराने का दावा किया है।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इन तीन अधिकारियों से एक ने बताया कि यह हमला ईरान के एक अमेरिकी विमान पर गोलीबारी करने के जवाब में किया गया। यह कोई बड़ा सैन्य अभियान नहीं है।
दूसरे अधिकारी ने कहा, "यह कदम बचाव के लिए उठाया गया, क्योंकि ईरान, अमेरिकी संपत्तियों के खिलाफ सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा था।" रिपोर्ट के अनुसार, देश में मध्यावधि चुनाव से ठीक पहले की गई इस कार्रवाई से लगता है कि ईरान के साथ स्थिति अभी भी सुलझी नहीं है और सैन्य टकराव की संभावना अभी भी बनी हुई है।
इस हमले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने जानबूझकर इस हमले को गुप्त रखा, ताकि बचाव के इस कदम को जरूरत से ज्यादा तूल न मिले। उन्होंने कहा कि इन हमलों का मकसद अमेरिकी संपत्तियों की सुरक्षा करना था। यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया पर कहा कि तेहरान के साथ कूटनीति अभी भी काम कर रही है और एक समझौता "हो सकता है।"
ट्रंप ने सोमवार रात फॉक्स न्यूज पर एक कार्यक्रम में ईरान में नए हमलों की खबरों पर सीधे तौर पर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन ईरान में युद्ध शुरू करने के अपने फैसले का बचाव किया और संकेत दिया कि हाल के दिनों में कोई लड़ाई नहीं हुई है। ट्रंप ने कहा, " यह हलका युद्ध है। यह भीषण युद्ध नहीं है। अगर वे कोई समझौता नहीं करते हैं तो युद्ध हो सकता है। लेकिन वे बहुत शिद्दत से समझौता करना चाहते हैं और इस बात की काफी अच्छी संभावना है कि हम कोई समझौता कर लें।" (हि.स.)
