रॉबर्ट ई. हॉल और माइकल वुडफोर्ड को अर्थशास्त्र का नोबल
स्टॉकहोम। अमेरिकी अर्थशास्त्री रॉबर्ट ई. हॉल और माइकल वुडफोर्ड को वर्ष 2026 के लिए संयुक्त रूप से अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। दोनों को यह सम्मान ऐसे आर्थिक मॉडल विकसित करने के लिए प्रदान किया जाएगा, जिनसे मंदी एवं महंगाई जैसी समस्याओं से निपटने के लिए बेहतर नीतियां बनाने में मदद मिलती है।
स्वीडन के रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में इस पुरस्कार का ऐलान किया। स्वीडिश एकेडमी ने बताया कि इस वर्ष का अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दिया जाने वाला स्वेरिग्स रिक्सबैंक पुरस्कार अमेरिकी मूल के प्रसिद्ध अर्थशास्त्रियों- 83 वर्षीय रॉबर्ट ई. हॉल और 71 वर्षीय माइकल वुडफोर्ड को संयुक्त रूप से प्रदान किया जाएगा। दोनों को यह सम्मान ऐसे मैक्रोइकोनॉमिक (व्यापक अर्थशास्त्र) के मॉडल विकसित करने के लिए प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने वैश्विक नीति निर्माताओं को अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में अभूतपूर्व मदद की है।
यह पुरस्कार 10 दिसंबर को अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार स्वरूप मिलने वाली कुल 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर (11.47 करोड़ रुपये) की धनराशि दोनों में बराबर-बराबर बांटी जाएगी। इस वर्ष दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कारों में यह आखिरी पुरस्कार है।
अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार का आधिकारिक नाम ‘आर्थिक विज्ञान में स्वेरिग्स रिक्सबैंक पुरस्कार’ है जिसे अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में स्वीडन के केंद्रीय बैंक स्वेरिग्स रिक्सबैंक ने 1968 में स्थापित किया था। इसे पहली बार 1969 में प्रदान किया गया था। (हि.स.)
