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सऊदी अरब के एयरपोर्ट -तेल ठिकाने पर हूती विद्रोहियों का हमला ,एक भारतीय समेत 3 की मौत

- किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे  और अरामको के तेल ठिकाने को बनाया निशाना 
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किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूती विद्रोहियों का हमला
सऊदी अरब पर यमन के हूती विद्रोहियों के हमले तेज हो गए हैं।  हूती विद्रोहियों ने  किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और  सऊदी की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी अरामको के ठिकाने को निशाना बनाया है। इन हमलों में 3 लोगों की मौत हो गई।  हवाई अड्डे पर हुए हमले में मारा गया व्यक्ति भारतीय नागरिक था। 

 

 

 

 
रियाद। सऊदी अरब पर यमन के हूती विद्रोहियों के हमले तेज हो गए हैं। ताजा खबरों के मुताबिक हूती विद्रोहियों ने दम्माम शहर के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और  सऊदी की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी अरामको के तेल ठिकाने को निशाना बनाया है। इन हमलों में 3 लोगों की मौत हो गई। किंग फहद हवाई अड्डे पर हुए हमले में मारा गया व्यक्ति भारतीय नागरिक था। यहां दो भारतीय समेत 8 लोग घायल भी हुए हैं।


वहीं सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि पूर्वी प्रांत के शायबाह तेल क्षेत्र में सऊदी अरामको के ठिकाने पर ड्रोन से हमला किया । इसे सऊदी  की वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया।

मंत्रालय के मुताबिक, ड्रोन का मलबा गिरने से एक ठेकेदार के वाहन में आग लग गई। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई ।  मरने वाले नेपाल और फिलीपींस नागरिक थे।  वहीं, भारतीय समेत 2 लोग घायल हुए। इन हमलों के बीच अमेरिका ने अपने कुछ राजनयिकों और सरकारी कर्मचारियों को परिवारों के साथ सऊदी अरब छोड़ने को कहा है।

सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी बुधवार को दावा किया कि उसने देश की ओर भेजे गए पांच ड्रोनों को रोककर नष्ट कर दिया। इनमें पूर्वी प्रांत और मदीना क्षेत्र की ओर भेजे गए ड्रोन शामिल थे।

इससे पहले 11 अक्टूबर को भी दम्माम शहर के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला हुआ था। उस घटना के बाद अधिकारियों ने नुकसान का आकलन करने के साथ सुरक्षा जांच भी की थी। ये घटनाएं यमन के हूती समूह और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई हैं। इस दौरान सऊदी अरब के हवाई अड्डों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर कई हमले किए जाने की खबरें सामने आई हैं।

दम्माम हवाई अड्डे पर हुए ताजा हमले के बाद अधिकारी नुकसान का आकलन करने और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच में जुटे हैं। फिलहाल, हमले के पीछे किसका हाथ है और इसे किस तरीके से अंजाम दिया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।