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अमेरिका: भारत की प्रमुख आईटी कंपनियां इंफोसिस, टाटा, विप्रो और HCL ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड

- नई स्थायी श्रम प्रमाणन अर्जियां स्वीकार नहीं की जाएंगी
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ट्रम्प ने टाटा-विप्रो को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड किया
भारत की चार कंपनियां टाटा, इंफोसिस, विप्रो और HCL को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया है। माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी, कॉग्निजेंट और कैपजेमिनी पर भी यह रोक लगाई गई है। अमेरिकी प्रशासन ने इस कदम को अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा से जोड़ा है।

 

वाशिंगटन। अमेरिका ने विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर चिंता जताते हुए इंफोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल, कॉग्निजेंट और कैपजेमिनी समेत कई बड़ी आईटी कंपनियों को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन (पीईआरएम) कार्यक्रम से निलंबित कर दिया है। माइक्रोसॉफ्ट और एडोब को भी इस कार्यक्रम से बाहर किया गया है।

अमेरिकी श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ गुरुवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों से जुड़ी नई स्थायी श्रम प्रमाणन अर्जियां स्वीकार नहीं की जाएंगी और लंबित अर्जियों पर भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।

पीईआरएम अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया का अहम चरण है। इसके तहत कंपनियों को यह प्रमाणित करना होता है कि संबंधित पद के लिए योग्य अमेरिकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। हालांकि, इस कार्रवाई से कंपनियों के मौजूदा एच-1बी वीजा अपने आप रद्द नहीं होते।

सॉन्डरलिंग ने दावा किया कि सूची में शामिल कंपनियों ने 2009 से अब तक करीब 30 लाख विदेशी कर्मचारियों के लिए आवेदन किए हैं। उनके अनुसार, इन्हें 2.30 लाख से अधिक एच-1बी वीजा मंजूर हुए और एक लाख से अधिक स्थायी श्रम प्रमाणन मिले हैं।

अमेरिकी प्रशासन ने इस कदम को अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा और विदेशी श्रमिकों से जुड़े वीजा कार्यक्रमों में कथित दुरुपयोग पर कार्रवाई से जोड़ा है। उपराष्ट्रपति वेंस ने विशेष रूप से माइक्रोसॉफ्ट पर कार्यक्रम के दुरुपयोग का आरोप लगाया। (हि.स.)