अमेरिका में अब सुपर इंटेलिजेंस के नाम से जाना जाएगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
वाशिंगटन । अमेरिका में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता को सुपर इंटेलिजेंस (SI) के नाम से जाना जाएगा। यह घोषणा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम में की।
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नाम बदलने वाले दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रपति ने टेक इंडस्ट्री के दिग्गजों के साथ दोपहर के भोज पर हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद कार्यकारी आदेश जारी किया। बैठक में स्पेसएक्स और टेस्ला के एलन मस्क, मेटा के मार्क जुकरबर्ग, गूगल के सुंदर पिचाई और एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग समेत कई प्रमुख सीईओ मौजूद रहे।
ट्रंप ने आगे कहा कि उनका प्रशासन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के स्थान पर सुपर इंटेलिजेंस (SI) शब्द का प्रयोग करेगा। सुपर इंटेलिजेंस नाम आज विकसित की जा रही टेक्नोलॉजी की असली क्षमताओं को बताता है। यह इंसानी क्रिएटिविटी के नए रूपों को सामने लाता है और अमेरिकियों को वह हासिल करने के लिए सशक्त बनाता है जो पहले असंभव था।
इसी के साथ राष्ट्रपति ट्रंप ने बाइडेन प्रशासन की जरूरत से ज्यादा दखल देने वाली और नुकसानदेह SI नीति को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की जन्मभूमि है। वह इस नई तकनीक को आगे बढ़ा रहा है। अनुसंधान के क्षेत्र के तौर पर इसकी शुरुआत के बाद से 70 से ज़्यादा सालों से इसके विकास और इस्तेमाल में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है।
व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर उपलब्ध विवरण के अनुसार, कार्यकारी आदेश में कहा गया है कि यह बदलाव कानून की अधिकतम अनुमति के अनुसार लागू होगा। मौजूदा नियमों, अनुबंधों और पुराने दस्तावेज में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इस प्रौद्योगिकी के नीति निर्धारकों को संघीय सरकार की प्रयुक्त शब्दावली को अपनाकर परिवर्तनकारी क्षमता और अमेरिकी जनता के लिए असीमित अवसरों का पिटारा खोलना चाहिए। (हि.स.)
