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UP NEWS: नोएडा भूखंड घोटाले में पीसीएस अधिकारी हरीश चंद्र बर्खास्त

- वर्तमान में पश्चिम बंगाल में खाद्य एवं रसद विभाग के स्थानिक प्रतिनिधि के पद पर तैनात हैं 
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पीसीएस अधिकारी हरीश चंद्र बर्खास्त
नोएडा भूखंड घोटाले में पीसीएस अधिकारी हरीश चंद्र को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वर्ष 2011 में सचिव पद पर तैनाती के दौरान उन पर नियमों के विपरीत जाकर बाहरी लोगों और निजी कंपनियों के नाम लीजबैक करने का आरोप है। 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी हरीश चंद्र को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई नोएडा विकास प्राधिकरण में उनके कार्यकाल के दौरान हुए 3,800 करोड़ से 4,000 करोड़ रुपये के बड़े लीजबैक घोटाले (भूखंड घोटाले) में संलिप्तता के चलते उठाया गया है।

उत्तर प्रदेश के सबसे सीनियर 1997 बैच के पीसीएस अधिकारी हरीश चंद्र वर्तमान में कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में खाद्य एवं रसद विभाग के स्थानिक प्रतिनिधि के पद पर तैनात है। प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक आईएएस एम. देवराज ने उनकी बर्खास्तगी के आदेश जारी कर दिया है

नोएडा प्राधिकरण में वर्ष 2011 में सचिव पद पर तैनाती के दौरान, उन्होंने ग्राम शहदरा के सेक्टर 140- (ए), 141, 142 और 143 के अंतर्गत आने वाली लगभग 3,81,527 वर्ग मीटर अर्जित भूमि को नियमों के विपरीत जाकर बाहरी लोगों और निजी कंपनियों के नाम लीजबैक कर दिया था।

नियम में लीजबैक की यह सुविधा सिर्फ स्थानीय गांव के पात्र किसानों के लिए आरक्षित थी (जिसमें प्रति परिवार अधिकतम 450 वर्ग मीटर का प्रावधान था)। विभागीय जांच में सामने आया कि नियमों को ताक पर रखकर बाहरी निजी कंपनियों को 15,000 वर्ग मीटर से भी ज्यादा के भूखंड आवंटित किए गए, जिसकी बाजार कीमत लगभग 3,800 करोड़ आंकी गई थी।

इनके ऊपर वर्ष 2013 से ही अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति चल रही थी, जिसकी जांच नोएडा प्राधिकरण की तत्कालीन सीईओ आईएएस रितु माहेश्वरी ने की थी। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत इन्हें पद से बर्खास्त कर दिया है। इसी जांच की वजह से पीसीएस हरीश चंद्रा का आईएएस में प्रमोशन रुका हुआ था। (हि.स.)