यूपी के 1.70 लाख शिक्षणेत्तर कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें 1.70 लाख से अधिक शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान किए जाने समेत कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय/वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय एवं संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गयी है।

शिक्षकों के बाद अब शिक्षणेत्तर कर्मचारियों हेतु कैशलेस सुविधा को स्वीकृति दी गयी है। इस योजना से बेसिक, माध्यमिक और संस्कृत शिक्षा विभाग के 1,70,366 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रित परिजनों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
इसके उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के क्लास-1 एवं 2 श्रेणी के अधिकारी गण हेतु देवघाट झलवा, प्रयागराज में टाइप-3 (533 ) एवं टाइप-4 (312) श्रेणी के कुल 845 आवासों के निर्माण कार्य हेतु प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए धनराशि अवमुक्त किये जाने के संबंध में स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस योजना पर कुल प्रस्तावित लागत 543 करोड़, 40 लाख 75 हजार रुपये है।
