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Sharadiya Navratri Rules:नवरात्रि के 9 दिनों में भूलकर भी न करें ये गलतियां वरना नहीं मिलेगा पूजा का फल

शारदीय नवरात्रि ( Sharadiya Navratri 2026) का पर्व श्रद्धा और पवित्रता का प्रतीक है।
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शारदीय नवरात्रि
शारदीय नवरात्रि ( Sharadiya Navratri 2026) का पर्व श्रद्धा और पवित्रता का प्रतीक है। ज्योतिष शास्त्र और पुराणों के अनुसार,इन दिनों कुछ कामों को वर्जित माना गया है। उनके करने से आपकों पूजा का पूरा फल नहीं मिलेगा। 

धर्म डेस्क। Sharadiya Navratri Rules: शारदीय नवरात्रि ( Sharadiya Navratri 2026) का पर्व श्रद्धा और पवित्रता का प्रतीक है। क्या आप जानते हैं कि इन 9 दिनों में कुछ विशेष कार्यों की सख्त मनाही है? ज्योतिष शास्त्र और पुराणों के अनुसार, यदि आप इन वर्जित कार्यों को करते हैं, तो आपकी पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता और घर में दरिद्रता आ सकती है।

-दाढ़ी और बाल न बनवाएं : नवरात्रि के दौरान दाढ़ी बनाना, बाल कटवाना और नाखून काटना पूरी तरह वर्जित माना गया है। हिंदू धर्म में मुंडन या बाल काटना एक संस्कार है जिसे शुभ अवसरों पर टाला जाता है। नवरात्रि आत्म-संयम का समय है, इसलिए शरीर के अंगों की काट-छाँट को अशुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इन दिनों में बाल या नाखून काटने से मां दुर्गा क्रोधित होती हैं और घर की सुख-शांति भंग हो सकती है।

तामसिक भोजन से दूरी : नवरात्रि के दौरान तामसिक भोजन से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए।मांस, मछली, अंडा, प्याज और लहसुन का सेवन भूलकर भी न करें।यदि आप व्रत नहीं भी रख रहे हैं, तब भी घर में सात्विक भोजन ही बनाना चाहिए। शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन माता के अपमान के समान माना जाता है।

चमड़े की चीजें वर्जित: पूजा के दौरान या मंदिर जाते समय चमड़े से बनी वस्तुओं जैसे बेल्ट, पर्स या जूते-चप्पल का उपयोग नहीं करना चाहिए। चमड़ा जानवरों की खाल से बनता है, जिसे अशुद्ध माना जाता है।

दिन में सोने और कलह से बचें: विष्णु पुराण के अनुसार व्रत रखने वाले व्यक्ति को दिन में नहीं सोना चाहिए। इन दिनों में किसी को अपशब्द न बोलें, किसी का अपमान न करें और घर में क्लेश न होने दें। शांतिपूर्ण वातावरण में ही माता का वास होता है।

घर खाली न छोड़ें: यदि आपने घर में 'अखंड ज्योति' जलाई है या 'कलश स्थापना' की है, तो घर को कभी भी खाली छोड़कर न जाएं। घर के किसी न किसी सदस्य का वहां होना अनिवार्य है।