home page

गरीब मेधावी छात्रों के लिए खुशखबरी, मोदी सरकार देगी NEET और JEE की मुफ्त कोचिंग

-इसी साल 2 अक्टूबर से शुरू होगी योजना 
 | 
मेधावी छात्रों के सपनों को पंख
 देश के गरीब मेधावी छात्रों का इंजीनियर और डॉक्टर बनने का सपना साकार होने वाला है। केंद्र की मोदी सरकार उनके सपनों को पंख देने जा रही है। 

नई दिल्ली। देश के लाखों मेधावी और जरूरतमंद छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर। केंद्र सरकार उनके डॉक्टर या इंजीनियर बनने के सपने को पूरा करने जा रही है। 
कई प्रतिभावान छात्र आर्थिक तंगी के कारण महंगे कोचिंग संस्थानों की भारी-भरकम फीस नहीं भर पाते हैं, जिसकी वजह से वे देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं यानी नीट (NEET) और जेईई (JEE) की तैयारी से वंचित रह जाते हैं। इस गंभीर समस्या को दूर करने और हर योग्य छात्र को समान अवसर प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक , सरकार आगामी 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के पावन अवसर पर देशभर में एक राष्ट्रव्यापी मुफ्त कोचिंग अभियान की शुरुआत करने जा रही है। इस योजना के तहत देश के हर कोने में योग्य छात्रों को उच्च स्तर की कोचिंग बिल्कुल मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके।


 योजना का मुख्य उद्देश्य
सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली इस राष्ट्रव्यापी मुफ्त कोचिंग पहल का मुख्य उद्देश्य उन गरीब, मेधावी और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को सशक्त बनाना है जो पैसों की कमी के कारण कोटा या अन्य बड़े शहरों के महंगे कोचिंग संस्थानों में एडमिशन नहीं ले पाते हैं। देश के कई हिस्सों में आज भी ऐसे अनगिनत छात्र मौजूद हैं जिनके अंदर डॉक्टर और इंजीनियर बनने की अद्भुत क्षमता होती है, लेकिन संसाधनों के अभाव में उनकी प्रतिभा दम तोड़ देती है। इस योजना के तहत सरकार का यह प्रयास रहेगा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), एससी, एसटी और अन्य पिछड़े वर्गों के उन सभी विद्यार्थियों को मुफ्त और उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग दी जाए जो कड़ी मेहनत करना चाहते हैं लेकिन जिनके रास्ते में गरीबी सबसे बड़ी दीवार बन जाती है। इस पहल से न केवल देश के दूरदराज के इलाकों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि टैलेंट को आगे बढ़ने का एक निष्पक्ष और शानदार मंच भी मिलेगा।

कब से शुरू होंगे क्लासेज

योजना के टाइम टेबल के मुताबिक, सरकार इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का औपचारिक शुभारंभ आगामी 2 अक्टूबर को करने की तैयारी कर रही है। इस दिन से देश भर में चुनिंदा केंद्रों और डिजिटल क्लासरूम के माध्यम से नीट और जेईई की नियमित कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। छात्रों को पढ़ाने के लिए देश के जाने-माने और अनुभवी शिक्षकों को जोड़ा गया है जो बेसिक कॉन्सेप्ट से लेकर एडवांस प्रॉब्लम सॉल्विंग तक की पूरी तैयारी कराएंगे। इस व्यवस्था में केवल ऑफलाइन कक्षाओं तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए हाइब्रिड मॉडल (Hybrid Model) अपनाया जाएगा ताकि देश के सबसे दूरदराज के गांवों में बैठा छात्र भी बड़े शहरों के बेहतरीन शिक्षकों से सीधे लाइव पढ़ाई कर सके। इसके अलावा छात्रों को उच्च स्तर का स्टडी मटेरियल, प्रैक्टिस पेपर्स और मॉक टेस्ट भी पूरी तरह से मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वे परीक्षा के पैटर्न को अच्छी तरह समझ सकें।

कैसे होगा चयन और किसे मिलेगा लाभ

इस मुफ्त कोचिंग योजना का लाभ उठाने के लिए छात्रों के मन में चयन प्रक्रिया को लेकर सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। शिक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इन विशेष बैचों में छात्रों का चयन पूरी तरह से पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए सरकार की तरफ से एक अखिल स्तर पर प्रवेश परीक्षा या स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित कराया जा सकता है, जिसमें प्रदर्शन के आधार पर योग्य विद्यार्थियों की छंटनी की जाएगी। जो छात्र इस पात्रता परीक्षा को पास कर लेंगे, उन्हें सरकार द्वारा संचालित इन मुफ्त कोचिंग सेंटर्स या डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर दाखिला दे दिया जाएगा। इसके साथ ही छात्रों के पिछले शैक्षणिक रिकॉर्ड जैसे कि 10वीं और 12वीं के अंकों को भी पात्रता का एक पैमाना बनाया जा सकता है। योजना के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल वही छात्र इस सुविधा का लाभ उठा सकें जिन्हें इसकी वास्तव में सबसे अधिक आवश्यकता है।