चक्रवात 'मुरासु' आंध्र प्रदेश के तट से टकराया, भारी तबाही, हजारों पेड़-बिजली के पोल गिरे, 30 फ्लाइट्स कैंसिल
अमरावती (आंध्र प्रदेश)/नई दिल्ली । भीषण चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने तटीय आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। जब चक्रवात तट से टकराया तो 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हजारों पेड़ उखड़ गए।बिजली के सैकड़ों खंभे क्षतिग्रस्त हो गए और मछली पकड़ने वाली नावें नष्ट हो गईं। आंध्र प्रदेश के तीन एयरपोर्ट से 19 और चेन्नई से 11 उड़ानें रद्द की गईं। पांच राज्यों में NDRF की 37 टीमें तैनात हैं, इनमें 13 आंध्र प्रदेश में हैं। मौसम विभाग ने गुंटूर, बापटला, कृष्णा, नेल्लोर और प्रकाशम के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा जताया है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में लोग सड़कों पर न निकलें। लोगों से घरों के अंदर ही रहने की अपील की गई है।
बापटला और प्रकाशम सहित कई जिलों में भारी बारिश हुई है। इससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा और कई इलाके पानी में डूब गए। एक टेलीकॉन्फ्रेंस के दौरानमुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बिजली के खंभों और सब-स्टेशनों की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
उधर, प्रकाशम जिले के ओंगोल में 'मुरासु' चक्रवात के कारण हुई भारी बारिश और तेज हवाओं से कई कच्चे घर ढह गए और वहां रहने वाले लोग फंस गए। जिला प्रशासन ने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू कर दिया है। ओंगोल में प्रकाशम जिला कलेक्ट्रेट परिसर में 'आंध्र केसरी' तंगुतुरी प्रकाशम पंतुलु की प्रतिमा पर भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण एक बड़ा पेड़ गिर गया, जिससे प्रतिमा टूट गई।
इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से बातचीत की है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीयमंत्री को पूर्व के चक्रवात 'अर्नब' और 'मुरासु' से पैदा हुई स्थिति के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में फसलों और संपत्ति को हुए नुकसान का विस्तृत ब्योरा दिया। उन्होंने नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र से टीम भेजने के लिए मोदी सरकार का आभार जताया। नायडू ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि राज्य को इन आपदाओं से उबरने में मदद के लिए जरूरी सहायता प्रदान की जाए। (हि.स.)
