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अर्नब के बाद अब चक्रवात ‘मुरसु’ का खतरा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

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चेन्नई के करीब पहुंचा चक्रवात ‘मुरासु’
अर्नब के बाद अब बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात ‘मुरासु’ ने खतरे की घंटी बाजा दी है। सिर्फ 24 घंटे में यह गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है। यह सोमवार सुबह 5:30 बजे तमिलनाडु के चेन्नई से 200 किलोमीटर और आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से 210 किलोमीटर दूर था।

नई दिल्ली/चेन्नई।  अर्नब के बाद अब बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात ‘मुरासु’ ने खतरे की घंटी बाजा दी है। सिर्फ 24 घंटे में यह गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है। यह सोमवार सुबह 5:30 बजे तमिलनाडु के चेन्नई से 200 किलोमीटर और आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से 210 किलोमीटर दूर था। तूफान 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।  चेन्नई और तिरुवल्लूर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 

 भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं, राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर कई एहतियाती दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव चक्रवाती तूफान में बदल गया है। मौजूदा उत्तर-पूर्वी मानसून सीजन में यह दूसरा चक्रवात है, जिसे ‘मुरसु’ नाम दिया गया है। फिलहाल, चक्रवात चेन्नई से करीब 560 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण पूर्व और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से लगभग 660 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में केंद्रित है।

चक्रवात  के कारण मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भारी बारिश हो सकती है।

तमिलनाडु आपदा जोखिम न्यूनीकरण एजेंसी (टीएनडीआरआरए) के राजस्व प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन आयुक्त चंद्र मोहन ने बताया कि चक्रवात की लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल इसके दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की जानकारी है। अगले कुछ दिनों तक उत्तरी तमिलनाडु में भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई गई है।

प्रशासन ने लोगों से समुद्र तट और तटीय सड़कों से दूर रहने, जलभराव वाले इलाकों तथा अंडरपास में जाने से बचने की अपील की है। इसके अलावा घरों में पीने का पानी, जरूरी दवाइयां, टॉर्च, पावर बैंक और चार्ज मोबाइल फोन तैयार रखने की सलाह दी गई है।

विभाग ने लोगों को छतों और बालकनी में रखी ढीली वस्तुओं को सुरक्षित करने तथा नालियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आईएमडी, टीएनडीआरआरए और जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। इसके साथ ही  आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1070 और जिला आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1077 जारी किया है। वहीं, लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, सतर्क रहें और जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।