भारत को अमेरिका के 100 फीसदी टैरिफ वाले कानून से राहत , ट्रंप ने कुछ प्रावधानों को रोका
-प्रतिबंध से जुड़े कानून का मकसद रूस की कमाई के रास्ते बंद करना था
| Updated: Oct 17, 2026, 11:24 IST
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस एवं ईरान से तेल खरीद पर 100 फीीसदी टैरिफ लगाने के संबंधी कानून के कुछ प्रावधानों पर रोक लगा दी है। इससे भारत को तात्कालिक राहत मिल गई है।
वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस एवं ईरान से तेल खरीद पर प्रतिबंध संबंधी लिंडसे ओ. ग्राहम कानून के अंतर्गत नये शुल्क और प्रतिबंधों के कुछ प्रावधानों पर रोक लगा दी है जिससे भारत को अमेरिकी निर्यातों पर संभावित अतिरिक्त शुल्क से तात्कालिक राहत मिल गई है। प्रतिबंध से जुड़े कानून का मकसद रूस की कमाई के रास्ते बंद करना था, ताकि यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध के लिए उसे पैसा जुटाने में मुश्किल हो। अमेरिकी राष्ट्रपति के मुख्यालय व्हाइट हाउस द्वारा देर रात जारी एक वक्तव्य के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति ने ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ के तहत रूस से जुड़े नए शुल्क और व्यापक प्रतिबंधों के प्रावधानों पर छूट प्रदान कर दी है। इससे भारत को अपने उन अमेरिकी निर्यातों पर संभावित अतिरिक्त शुल्क से तात्कालिक राहत मिल गई है जो रूसी ऊर्जा खरीद से जुड़े हो सकते थे। हांलाकि यह आदेश किसी स्थायी छूट की गारंटी नहीं देता, बल्कि अमेरिका को भविष्य की स्थितियों पर नियंत्रण रखने की पूरी शक्ति प्रदान करता है। वक्तव्य के अनुसार 16 अक्टूबर को जारी इस कार्यकारी आदेश के अनुसार, यह छूट तब तक प्रभावी रहेगी जब तक अमेरिकी प्रशासन यह निर्धारित नहीं करता कि इस पर कोई और कार्रवाई आवश्यक है। भारत देखा जाए तो भारत रूस से कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में शामिल है, जिससे यह कानून उसकी ऊर्जा और व्यापारिक प्राथमिकताओं से सीधे तौर पर जुड़ता है। भारतीय निर्यातकों के लिए इसका तात्कालिक परिणाम यह है कि वे इस आदेश के तहत उत्पन्न होने वाले अतिरिक्त शुल्क के दायरे से फिलहाल बाहर हैं। यह छूट किसी एक देश विशेष के लिए नहीं है, बल्कि इसे व्यापक रूप से तैयार किया गया है और आदेश में किसी विशिष्ट देश या शीर्ष ऊर्जा आयातकों के नामों का खुलासा नहीं किया गया है। (हि.स.)
